उत्तराखंड का सामान्य अध्ययन :part 3 जनपद देहरादून PDF Download

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उत्तराखंड राज्य के अधीन किसी भी भर्ती परीक्षा में उत्तराखंड का सामान्य अध्ययन होना जरूरी है.समूह ‘ग’की भर्ती परीक्षा हो या लोकसेवा द्वारा आयोजित पीसीएस, प्रवक्ता भर्ती इंटर कालेज,असिस्टेंट प्रोफेसर डिग्री कालेज,समीक्षा अधिकारी (सचिवालय व लोकसेवा आयोग) आदि प्रमुख भर्ती Exams में जनरल नालेज का एक प्रश्न पत्र अवस्य होता है.

कैसे करें उत्तराखंड का सामान्य अध्ययन की तैयारी:

अक्सर पेपर देने के बाद अभ्यर्थी/परीक्षार्थी यही कहते सुनाई देते हैं कि यार उत्तराखंड का सामान्य ज्ञान से बहुत कठिन प्रश्न पूछे गए थे.अगर सच कहा जाए प्रश्न पत्र कठिन नहीं होता बल्कि हमारी तैयारी सरल होती है .दूसरा हमको वो सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती है जहां से उत्तराखण्ड राज्य की सामान्य जानकारी बारीकी से उपलब्ध हो जाये.इन सभी जटिल समस्याओं को देखते हुए हमने प्रतियोगिता पथ नाम से एक सीरीज बनाई है.जिसमें उत्तराखण्ड राज्य की हर एक जानकारी को लिखा गया है.

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान की इस सीरीज को हमारी टीम ने बहुत कठिनपरिश्रम के साथ तैयार किया है.आप उत्तराखण्ड राज्य की सरकारी सेवा में आने की सोच रहे हैं और तैयारी कर रहे हैं तो आपको हमारी इस वेबसाइट से बहुत लाभ हो सकता है.uttrakhand के General नालेज के अध्ययन के लिए आपको किसी किताब को खरिदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

इस तरह करें uttrakhand सामान्य ज्ञान की तैयारी

अब परीक्षा का पैटर्न भी वो नहीं रहा जो उत्तरांचल बनने के तुरंत बाद होता था.उत्तराखंड राज्य बनने के बाद जब मैंने पहली बार पीसीएस का exam दिया तो उत्तराखंड के सामान्य ज्ञान से संबंधित परंपरागत प्रश्न ही पूछे गए थे ,जिनको हमने किताबों में पढ़ा नहीं था,मगर आम जन जीवन में उनके बारे सामान्य बातचीत होती थी.आज प्रतिस्पर्धा भी ज्यादा हो गयी है और सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी बहुत गहराई से पूछे जाने लगे है.इन सभी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन करने बाद हमने हमने सोचा कि क्यों न एक नया प्रयोग किया जाए.इसलिए जिलेवार सामान्य ज्ञान की श्रंखला को लाये हैं.पूरी किताब को पढ़ने की अब कोई जरूरत नहीं है.बस अपने जेब में रखिये उत्तराखंड राज्य की हर ओ जानकारी जो आपको सफलता की सीढ़ी पार करा सकता है.अगर आपने हमारे पिछले अंक नहीं देखे हैं तो नीचे लिंक दिए गए हैंक्लिक करें.और डाउनलोड करें

प्रतियोगिता पथ उत्तराखंड: सामान्य ज्ञान जनपद देहरादून भाग 1

प्रतियोगिता पथ उत्तराखंड: सामान्य ज्ञान जनपद देहरादून भाग -2

आज के इस अंक में जनपद देहरादून का अंतिम भाग 3 दिया गया है.

जनपद में शिक्षा / साहित्य

डी.ए.वी कॉलेज

ठाकुर पूर्ण सिंह नेगी ने डीएवी पीजी कॉलेज की स्थापना 1902 में एक संस्कृत विद्यालय के रूप में की यह वर्ष 1910 तक मिडिल स्कूल 1911 में हाईस्कूल तथा 1922 में इंटरमीडिएट कॉलेज बना,

सेंट जोसेफ एकेडमी

1934 में देहरादून में स्थापित इस प्रतिष्ठित एकेडमी से भारत को अब तक कुल तीनों सेना अध्यक्ष मिल चुके हैं,

◆ श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन देहरादून इसकी स्थापना 1950 में हुई

◆ दून कॉलेज की स्थापना 1935 में सी आर दास ने की यह एशिया का पहला पंजीकृत स्कूल है

◆ राज्य का पहला महिला इंजीनियरिंग कॉलेज सुद्दोवाला देहरादून में है

◆ उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा परिषद का मुख्यालय देहरादून में है

◆ उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना 2005 में हुई अब इसके नाम के आगे माधो सिंह भंडारी नाम जोड़ा गया है

उत्तराखंड की राजधानी से निकलने वाले समाचार पत्र:

                प्रमुख समाचार पत्र पत्रिकाएं

◆ गढ़वाल केसरी पत्रिका का प्रकाशन देहरादून से होता है इसके अलावा आलोक समाचार पत्र ब्रेल लिपि में, रन्त रैबार गढ़वाली भाषा का समाचार पत्र 1998 से प्रकाशित होता है

इसके अलावा कुछ पत्रिकाएं भी प्रकाशित होती हैं

◆ उत्तराखंड दर्शन- मासिक

◆ पर्वतजन- मासिक

युगवाणी- मासिक

             देहरादून जनपद में कृषि

◆ देहरादून को भारत सरकार द्वारा लीची निर्यात जोन में सम्मिलित किया गया है इसे लीची प्रदेश भी कहा जाता है

◆ राज्य में गन्ना का उत्पादन क्रमशः हरिद्वार, देहरादून, उधम सिंह नगर में सबसे अधिक मात्रा में होता है

◆ गेहूं और चावल उत्पादन में देहरादून जनपद का प्रथम स्थान है

पहाड़ों की रानी मसूरी

2005 मीटर की ऊंचाई पर फैला हिंदुस्तान की सबसे पुरानी हिल स्टेशन में से एक है इस शहर के संस्थापक ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल आर्मी में काम करने वाले आयरिश अफसर कैप्टन यंग थे यंग ने उसकी खोज 1825 में की और अंग्रेजों ने यहां की भूमि को टिहरी नरेश सुदर्शन शहर से 80 वर्ष के लिए पट्टे पर लिया था इसे पर्वतों की रानी कहा जाता है यहां की पहली इमारत मलिंगा होटल बनी

यह नगर देहरादून से कुछ ही दूरी पर स्थित उत्तर पूर्व में हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के आश्चर्यजनक दृश्य को प्रस्तुत करता है यह अपनी प्राकृतिक सौंदर्य एवं मनोरंजन के लिए प्रसिद्ध है इसे गंगोत्री यमुनोत्री का प्रवेश द्वार कहते हैं

मसूरी की सबसे ऊंची चोटी लाल टिब्बा दूसरी ऊंची चोटी गन हिल पहाड़ी है यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में- केंपटी फॉल, मेसी फाल, चकराताफाल, एवरेस्ट हाउस, नाग टिब्बा, तोप डिब्बा, धनोल्टी, नाग देवता मंदिर, सुरकंडा देवी मंदिर, ज्वाला जी मंदिर, तिब्बती स्तूप, हैप्पी वैली, बेनोग हिल, लंढोर बाजार, कुलड़ी बाजार आदि प्रसिद्ध स्थल है

उत्तराखंड सामान्य अध्य्यन:प्रमुख दर्शनीय स्थल मसूरी

                मसूरी में दर्शनीय स्थल

मसूरी झील

मसूरी देहरादून मार्ग पर स्थित यह एक नवीनतम विकसित पिकनिक स्थल है

गन हिल (तोप टिब्बा)

मसूरी से गंगेल तक रफी द्वारा रोमांचकारी चढ़ाई का आनंद प्राप्त किया जा सकता है यह मसूरी में लाल डिब्बा के बाद दूसरी सबसे ऊंची चोटी है

कैमल बैंक

हॉस्टल सूर्यास्त का मनोहर दृश्य प्रस्तुत करता है उस समय यह एक बैठे हुए ऊँट के समान प्रतीत होता है

सुरकंडा देवी

यह मंदिर मसूरी से कुछ किमी की दूरी पर कद्दूखाल नामक ग्राम के निकट है मंदिर एक पर्वत के शिखर पर स्थित है इसका धार्मिक महत्व बहुत अधिक है

ज्वाला जी मंदिर

मसूरी से कुछ किमी की दूरी पर पश्चिम दिशा में विनोग पहाड़ी पर स्थित है

कैम्पटी फॉल

यमुनोत्री मार्ग पर मसूरी से 15 किमी की दूरी पर (टिहरी में) सुंदर वादियों में स्थित केंपटी फॉल सर्वाधिक मनोहर एवं विशाल जलप्रपात है

मसूरी में प्रसिद्ध संस्थान

उत्तराखंड का सामान्य अध्ययन :लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी

◆   मसूरी में 1 सितंबर 1959 को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी की स्थापना हुहि.

◆ प्रौद्योगिकी प्रबंधन संस्थान(ITM) यह मसूरी में डीआरडीओ का प्रमुख शिक्षण संस्थान है इसकी स्थापना 1962 में हुई थी,

चकराता

यह उत्तराखंड में जौनसार भाबर क्षेत्र के अंतर्गत आता है,यह देहरादून जिले की एक तहसील है,इसे पहाड़ो का राजा भी कहा जाता है चकराता की स्थापना कर्नल ह्यूम ने की जो ब्रिटिश सेना के 55 रेजिमेंट में थे.

◆देववन चकराता में पिकनिक स्थल है इसकी सबसे ऊँची चोटी ब्यास शिखर है इसके अलावा थान का स

डांडा चोटी भी यही स्थिति है

इसके अलावा-रामताल गार्डन,मिओल टिब्बा या बुधेर टिब्बा,बुधेर गुफा,मिओल गुफा,बेसपुरिया गुफा,हथनि कुंड, आदि स्थल चकराता में स्तिथ है।

बैराट गढ़

यह चकराता में चौरणी चोटी पर स्तिथि है महाभारत काल मे बैराटगढ़ी पुलिंद राजा विराट की राजधानी थी

विद्युत संस्थान

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग माज़रा देहरादून में है

◆उत्तराखंड पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड(U.P.C.l)

देहरादून में स्तिथ है यह 2001 में बना।

देव भूमि उत्तरांचल सामान्य अध्य्यन :के प्रमुख त्योहार व मेले

उत्तराखंड सामान्य अध्ययन के अंतर्गत प्रमुख त्यौहारों एवं मेलों के बारे में हर परीक्षा में प्रश्न पूछे जाते हैं.देखते हैं देहरादून जनपद में कौन-कौन से प्रमुख मेले और त्यौहार होते हैं.

◆टपकेश्वर मेला देहरादून में शिवरात्रि के दिन लगता है

◆नुणाई मेला  जौनसार क्षेत्र में भेड़-बकरियों को चराने वालों के नाम से मनाया जाता है।

बिस्सू मेला जौनसार भाबर क्षेत्र में विषुवत संक्राति को लगता है।

श्री गुरु रामराय दरबार साहिब

श्री गुरुरामराय ने देहरादून के धामावाला में झंडा दरबार की स्थापना की यह मुगल शैली में निर्मित गुरुद्वारा है इसकी स्थापना इनकी पत्नी पंजाब कौर ने 1707 ई0 में की।

◆रामराय के जन्मदिन पर देहरादून में 15 दिनों का झण्डा मेला लगता है ये सिक्खों के 7वें गुरु हरराय के पत्र थे.

नोट:

उत्तराखंड सामान्य अध्य्यन के अगले अंक में हरिद्वार जनपद का संकलन प्रस्तुत किया जा रहा है।

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