उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide:नैनीताल भाग-02 click pdf

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उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide क्या है?

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide के इस अंक में आज नैनीताल जिले की शेष जानकारी दी जा रही है.पार्ट 1 में हमने नैनीताल जनपद के इतिहास और कुछ प्रमुख झीलों और संस्कृति पर फोकस किया था.आज इस guide में प्रमुख संस्थान, पर्यटन स्थल और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर फोकस करने वाले हैं.आगामी भर्ती परीक्षाओं के लिए “उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide“एक खास पहचान बनाने वाली है .

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide: भाग-2 जनपद नैनीताल:

इस भाग में हम उत्तराखंड के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में बता रहे हैं.जो नैनीताल जनपद में स्थित हैं.जानते हैं प्रमुख दर्शनीय स्थल .

प्रमुख दर्शनीय स्थल

◆ नैनीताल का हनुमानगढ़ी सूर्यास्त के अनुपम दृश्य के लिए विख्यात है

◆ ज्योलिकोट नैनीताल मैं भारत का सबसे पुराना गोल्फ कोर्स है

◆ कालाढूंगी नैनीताल में जिम कॉर्बेट का मकान एवं संग्रहालय है

भवाली

नैनीताल से 11 किमी की दूरी पर स्थित भुवाली अपनी प्राकृतिक उत्कृष्टता एवं फल बाजार के लिए प्रसिद्ध है

◆ 1912 में भवाली में टी.बी. सैनेटोरियम की स्थापना हुई

◆ न्यायिक व विधिक अकादमी भवाली में स्थित है.यह स्थल उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide की दृष्टि से important है.

काठगोदाम

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide :
काठगोदाम रेलवे स्टेशन

इसे कुमाऊं का प्रवेश द्वार कहा जाता है काठगोदाम पूर्वोत्तर रेलवे का कुमाऊं क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है यह स्टेशन 1884 में चालू हुआ कुमाऊं की पर्वतीय क्षेत्रों एवं पर्यटन स्थलों को देश के अन्य भागों से जोड़ने वाला यह स्टेशन कुमाऊँ का प्रवेश द्वार माना जाता है

◆ काठगोदाम में गुलाब घाटी बहुत प्रसिद्ध है

◆ इसको बमोरी घाट या बड़ाखेड़ी भी कहा जाता है

◆ यहां रेलवे की बड़ी लाइन 1994 में बनाई गई प्रसिद्ध पर्यटक स्थल रानीबाग काठगोदाम के पास है

◆ रानीबाग के पास ज्योलीकोट में मधुमक्खी पालन का केंद्र है

उत्तराखंड Gk Guide:मुख्य स्मारक और बागवानी क्षेत्र:

रामगढ़

यह स्थान मुक्तेश्वर से कुछ ही दूरी पर है इसी के पास गागर नामक स्थान भी है यह दोनों स्थान रसीले फलों सेब नाशपाती का केंद्र तथा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है

◆ यहां रविंद्र नाथ टैगोर वह महादेवी वर्मा ने प्रवास किया था यहाँ कवियत्री महादेवी वर्मा की स्मृति में एक संग्रहालय भी है

रामगढ़ का सर्वोत्तम फल आडू है इसकी प्रजाति तोतापरी व हिल्सअर्ली है यहां ग्रीन गोद जाति के पुलम भी अधिक होते हैं

रानीबाग

उत्तरायणी मेले के लिए प्रसिद्ध है स्थल हल्द्वानी से कुछ ही दूरी पर गोला नदी तट पर है कत्यूरी शासक राणा प्रीतम देव की पत्नी व मालूशाही की मां जियारानी का तपस्थली होने के कारण इस स्थल का नाम रानीबाग पड़ा

◆ रानीबाग का पुराना नाम चित्रशिला है प्रसिद्ध

 जियारानी मेला यहीं पर लगता है

◆ यहां मार्कंडेय ऋषि की तपस्थली है

रामनगर

1850 में कमिश्नर रैम्जे ने इस नगर को बसाया था इसलिए प्रारंभ में इसका नाम रैमजे नगर था फिर रामजी नगर हुआ फिर पुनः रामनगर हुआ

◆ रामनगर के गर्जिया नामक स्थान पर गर्जिया माता मंदिर है गर्जिया में महर्षि वाल्मीकि आश्रम के भग्नावशेष है

◆ ढिकुली कत्यूरियों की राजधानी थी जो गर्जिया के पास है

उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद 2008 से रामनगर में है

उत्तराखण्ड सामान्य ज्ञान guide : प्रमुख शहर हल्द्वानी

16 वीं सदी में चंद राजा रूपचंद के समय गौला नदी तट पर वर्तमान हल्द्वानी वाले स्थान पर बस्तियां बननी शुरू हुई आज यह राज्य का सबसे बड़ा व्यापारिक नगर है इस चित्र में हल्दू के पेड़ों की अधिकता के कारण पहले से हल्दूवणी कहा जाता था 1834 में कमिश्नर विलियम ट्रेन ने इसे वर्तमान हल्द्वानी का नाम दिया

◆ कमिश्नर रैम्जे ने इस क्षेत्र में अनेक लहरें बनवायीं

◆ कुमाऊं कमिश्नर ट्रेल ने हल्द्वानी शहर में अपने लिए बंगला बनवाया था जिसे खाम का बंगला कहा जाता था

2011 में  हल्द्वानी को नगर निगम बनाया गया

◆ हल्द्वानी राज्य का तीसरा बड़ा नगर निगम है

नाहन पर्वत श्रृंखलाएं हल्द्वानी में स्थित है

 हल्द्वानी में प्रमुख संस्थान:उत्तराखंड ज्ञान

राज्य में प्रथम दुग्ध डेयरी संघ की स्थापना 1949 में हल्द्वानी में हुई

◆ वन एवं पंचायत प्रशिक्षण अकादमी हल्द्वानी नैनीताल में स्थित है

◆ गौलापार 2016 में बना राज्य का दूसरा देश का पहला कार्बन न्यूट्रल जू होगा

◆ स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट हल्द्वानी में प्रस्तावित है

◆ इंदिरा गाँधी  अंतरराष्ट्रीय क्रीडा कॉन्प्लेक्स एवं स्टेडियम हल्द्वानी में है

नैनीताल जिले के प्रमुख मन्दिर:

नैना देवी मंदिर:उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide:नैनीताल भाग-02 click pdf
नैना देवी का मंदिर :नैनीताल

नैनीताल में नैनी झील के किनारे मल्लीताल के पास मां नैना देवी का मंदिर है. इस मंदिर का निर्माण श्री मोती राम शाह  ने करवाया था जो 1880 के भीषण भूस्खलन में नष्ट हो गया था 1882 में इस की पुनः स्थापना की गई

◆ नैनीताल के घोड़ाखाल में गोलू देवता का मंदिर है इसे न्यायकारी देवता माना जाता है स्थानीय लोग इस न्याय के देवता को डाना ग्वेल, बणी ग्वेल,गौरणक ग्वेल नाम से पूछते हैं हैं

◆ कैंची धाम नैनीताल में बाबा नीम करोली का मंदिर है

◆ नैनीताल में भारत का पहला मेथाडिस्ट चर्च बनाया गया

◆ पाषाण देवी माता मंदिर नैनीताल में स्थित है

◆ हैड़ाखान बाबा का मंदिर गोला नदी के तट पर स्थित है

नैनीताल जनपद में स्थित प्रमुख विभाग एवं संस्थान:

लोक संस्कृति संग्रहालय भीमताल खुटानी में है डॉक्टर यशोधर मठपाल द्वारा 1983 में स्थापित किया गया था

तितलियों का संग्रहालय भीमताल नैनीताल जिले में है तितलियों की संग्रहालय की स्थापना फेडरिक स्मेटा ने की

टरार अनुसंधान केंद्र भीमताल नैनीताल में है

उत्तराखंड प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना 1988 में नैनीताल में की गई

प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय नैनीताल में है

31 मार्च 1976 को नैनीताल में कुमाऊं मंडल विकास निगम की स्थापना हुई

◆ मलेरिया शोध एवं उन्मूलन केंद्र नैनीताल भवाली में है

◆ राजकीय वेधशाला मनोरा पीक नैनीताल में स्थित है

◆ उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी भवाली नैनीताल में दिसंबर 2004 से है

◆ राष्ट्रीय पादप एवं जैविक अनुसंधान केंद्र भवाली नैनीताल में है

◆ जड़ी बूटी विपणन हेतु रामनगर में हर्बल मंडियां बनाई गई है.

उत्तराखंड राज्य का उच्च न्यायालय:नैनीताल

27 अप्रैल 1897 ई0 में नैनीताल राजभवन या हाईकोर्ट भवन की नीव पड़ी. और 1900  में  राजभवन बनकर तैयार हुआ.

उच्च न्यायालय भवन का निर्माण सर सैंटोनी मैकडॉनल्ड ने किया जो गथिक शैली में बना है इसे गवर्नर हाउस भी कहा जाता है

◆ राजभवन नैनीताल का आर्किटेक्ट बर्किघम पैलेस की तर्ज पर है

◆ इस भवन में रहने वाले प्रथम ब्रिटिश गवर्नर एंटोनी मैकडोनाल्ड तथा राजभवन में रहने वाली प्रथम भारतीय गवर्नर सरोजिनी नायडू थी.

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान(एरीज) नैनीताल

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide:नैनीताल भाग-02 click pdf. ARIES
साभार wikipedia. आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान नैनीताल

तारा व सौर भौतिकी में शोध के लिए सर्वप्रथम 1954 में राजकीय वेधशाला की स्थापना वाराणसी उत्तर प्रदेश में की गई सन 1955 में इसे नैनीताल में शेर का डंडा पहाड़ी पर स्थानांतरित किया गया और 1961 में नैनीताल के मनोरा पहाड़ी पर स्थापित किया गया 

◆ वर्ष 1954 से 2000 तक यह संस्थान उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन तथा 2000 से 2004 तक उत्तराखंड सरकार के अधीन कार्यरत था 2004 से यह एक स्वायत्तताशासी संस्थान है जो कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है

2016 में नैनीताल के देवस्थल में एशिया की सबसे बड़ी ऑप्टिकल दूरबीन को चालू किया गया यह टेलिस्कोप भारत और बेल्जियम का सामूहिक प्रयास है.

भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (IVRI) Uttaranchal सामान्य ज्ञान

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide:IVRI मुक्तेस्वर
IVRI मुक्तेस्वर

अगर उत्तराखण्ड राज्य की परीक्षाओं में सफलता पानी है तो हर जनपद की बारीकी अध्ययन जरूरी है.और ये अध्य्यन सामग्री आपको “उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide”से ही मिल सकती है.देखें नैनीताल जनपद के प्रमुख संस्थान IVRI.

नैनीताल से मुक्तेश्वर नामक स्थान पर स्थित इस प्रयोगशाला को भारत में  पशु चिकित्सा विज्ञान का मक्का कहा जाता है

सर्वप्रथम एल्फ्रेड लिंगार्ड के प्रयासों से 1893 में इसे इंपीरियल बैक्टीरियोलॉजिकल लैबोरेटरी के नाम से स्थापित किया गया

1925 में इसका नाम इंपिरियल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी रिसर्च रखा गया

◆ एल्फ्रेड लिंगार्ड  ने यहां घोड़ों व गौपशुओं में होने वाला सर्रा रोग पर शोध किया

◆ 1924 में एडवर्ड ने रिंदरपेस्ट नामक रोग के टीके की खोज की थी

◆ इसी सेंटर ने मुर्गियों के रानीखेत नामक रोग के टीके का आविष्कार किया था

नैनीताल जनपद में शिक्षा,स्वास्थ्य एवं समाचार पत्र/पत्रिकाएं: (सामान्य ज्ञान Guide उत्तराखंड )

सामान्य ज्ञान की दृष्टि से नैनीताल जनपद में अनेकों प्रश्नों केश

◆ 1966 में घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की स्थापना जयमल्ल सिंह ने की

◆ शेरवुड कॉलेज नैनीताल में -1869

◆ बिड़ला विद्या मंदिर नैनीताल-1947

◆ 30 नवंबर 1973 कुमाऊं विश्वविद्यालय की स्थापना हुई इसका मुख्यालय नैनीताल बनाया गया

◆ उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना 31 अक्टूबर 2005 नैनीताल में हुईं

पहाड़ एवं उत्तरा नामक पत्रिका नैनीताल में निकलती है

पर्वतीय समाचार पत्र नैनीताल से प्रकाशित होते हैं

कुर्मांचल केसरी अंग्रेजी समाचार पत्र हल्द्वानी से प्रकाशित होता है.

दैनिक अमर उजाला,दैनिक जागरण,उत्तर उजाला तथा हिंदुस्तान प्रमुख समाचार पत्र भी यहां से प्रकासित होते हैं.

( Uttarakhand Gk Guide) नैनीताल जनपद में चिकित्सा व्यवस्था:

भुवाली  में क्षय रोग अस्पताल की स्थापना 1912 में हुई

◆ सुशीला तिवारी मेमोरियल चिकित्सालय हल्द्वानी नैनीताल में है

◆ सुशीला तिवारी मेमोरियल चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज का दर्जा दिया गया जो कुमाऊं विश्वविद्यालय के अंतर्गत है

◆ सुशीला तिवारी मेमोरियल चिकित्सालय में राज्य का प्रथम पैरा-मेडिकल संस्थान व कैंसर हॉस्पिटल है.

CONCLUSION:

प्रिय पाठक गण उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide का ये अंक आपको कैसा लगा ,अपनी राय देना न भूलें.अगला अंक पिथौरागढ़ जनपद का है.

पिछले अंक – नीचे लिंक पर क्लिक करें ।

1-उत्तराखंड सामान्य ज्ञान Guide नैनीताल जनपद भाग-01

2-देहरादून जनपद भाग -01

3-देहरादून जनपद भाग -02

4-देहरादून जनपद भाग -03

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