Uttarakhand gk:पिथौरागढ़ भाग-2 Download pdf hindi

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Uttarakhand gk :करेंट अपडेट

प्रतियोगिता के इस सफर में आज हम लेकर आये हैं Uttarakhand gk का लेटेस्ट अंक,सामान्य ज्ञान उत्तराखंड की सीरीज में आज हम जनपद पिथौरागढ़ जनपद की संपूर्ण जानकारी समेट कर लाये हैं.पिछले अंक में हमने पिथौरागढ़ की भौगौलिक संरचना तथा इतिहास को पढ़ा था.आज पार्ट 2 में शेष जानकारी को लेकर आये हैं.

पिथौरागढ़ की प्रमुख नदियां(नदी तंत्र):Uttarakhand general knowledge current affairs)

काली नदी

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काली नदी

राज्य की सबसे पूर्वी सिरे में बहती है. जिसका उदगम जास्कर श्रेणी के लिपुलेख के पास कालापानी नामक स्थान से निकलती है .पौराणिक रूप से काली नदी का जल पवित्र नहीं माना जाता है.  काली नदी काका गिरी पर्वत के समांतर तथा भारत और नेपाल की सीमा बनाते हुए बहती है. यह नदी चंपावत के पूर्णागिरि तीर्थ टनकपुर से होकर बहती है और टनकपुर में ब्रह्मदेव मंडी के बाद शारदा नदी के नाम से नेपाल में प्रवेश करती है.

◆ काली नदी राज्य में बहने वाली सबसे लंबी नदी है इसकी लंबाई 250 किमी0 है काली नदी को सबसे ज्यादा पानी देने वाली नदी सरयू है। 

◆ काली की प्रमुख सहायक नदियां (Uttarakhand gk Special)

कुठियांगटी

◆ पूर्वी धौलीगंगा

◆ गोरी गंगा

◆ सरयू नदी

◆ लोहावती

◆ पूर्वी रामगंगा

◆ लधिया

कुठियांगटी नदी काली की प्रारंभिक सहायक नदी है

◆ खेला नामक स्थान पर काली व पूर्वी धौलीगंगा

 का संगम होता है।

◆ जौलजीबी नामक स्थान पर काली और गोरी नदी का संगम है 

◆गोरी नदी का उदगम मिलम हिमनद से होता है।

सरयू नदी-

काली को सर्वाधिक जल देती है इसे कुमाऊं की सबसे पवित्र नदी माना जाता है सरयू नदी का उद्गम बागेश्वर की सरमूल से हुआ है पंचेश्वर बांध के बाद इसका मिलन काली नदी से हो जाता है।

◆ लधिया नदी काली नदी की उत्तराखंड में अंतिम सहायक नदी है।

सभी प्रतियोगी परिक्षाओं में uttarakhand gk से लगभग 50%सवाल पूछे जाते हैं.जिनमें नदियों,ग्लेशियर और झीलों से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं.

Uttarakhand के प्रमुख ग्लेशियर (पिथौरागढ़ )

uttarakhand gk in hindi की दृष्टि से जनपद पिथौरागढ़ से भी अनेक सवाल पूछे जाते हैं.जिनमें ग्लेशियर प्रमुख हैं

मिलम ग्लेशियर

पिथौरागढ़ में मुनस्यारी के पास स्थित है यह हिमनद कुमाऊं क्षेत्र का सबसे बड़ा ग्लेशियर है इसकी लंबाई 16 किमी0 है यहीं से गोरी नदी का उद्गम भी होता है

नामिक ग्लेशियर

 इस ग्लेशियर में पहुंचना बहुत कठिन है अतः यह अत्यंत दुर्लभ ग्लेशियर  है ट्रेक ऑफ द ईयर 2018 नामिक घाटी पिथौरागढ़ को दिया गया

इसके अलावा अन्य प्रमुख ग्लेशियर पिथौरागढ़ जिले में स्थित है- हीरामणि ग्लेशियर, पिनोरा ग्लेशियर,रालम ग्लेशियर, पोंटिंग ग्लेशियर आदि.

पिथौरागढ़ के प्रमुख जलप्रपात:

पिथौरागढ़ जनपद के प्रमुख जलप्रपात निम्न प्रकार से हैं-

◆ विरथी जलप्रपात

बिर्थी फाल
बिर्थी फाल

◆ गरुड़ जलप्रपात

◆ सुरिंगगाड जलप्रपात

◆ जरा जिबली जलप्रपात

◆ भूरमुंडी जलप्रपात  

कैलाश मानसरोवर यात्रा :

कैलाश मानसरोवर यात्रा जनपद पिथौरागढ़ से होकर जाती है.परीक्षा की दृष्टि से इसको uttarakhand gk notes में अवस्य ही सामिल करें.

इसे  कुमाऊँ मंडल विकास निगम द्वारा संचालित किया जाता है .यह यात्रा नई दिल्ली से उत्तर प्रदेश से उधम सिंह नगर से नैनीताल से अल्मोड़ा से डीडीहाट से धारचूला से तवाघाट से सिरका से कालापानी से नाभीढांग से तकलाकोट से कैलाश मानसरोवर पहुंचती है.

कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से सितंबर माह के बीच होती है

◆ कैलाश पर्वत तिब्बत में स्थित है इस पर्वत के निकट मानसरोवर झील है

◆ यह यात्रा लगभग 40 दिनों तक चलती है

◆ यह यात्रा पिथौरागढ़ की लिपुलेख दर्रा से होकर जाती है

◆ 1962 भारत- चीन युद्ध से पूर्व  यह यात्रा बिना बीजा के होती थी उस समय तीर्थयात्री मुख्य रूप से धारचूला की व्यासघाटी से लिपुलेख  दर्रा  पार कर मानसरोवर पहुंचे थे युद्धोंपरांत दोनों देशों के बीच 1981 में धारचूला तहसील की व्यास घाटी के लिपुलेख दर्रे से कैलाश यात्रा शुरू करने पर सहमति बनी जो बिना रुकावट के अभी भी जारी है

◆ कैलाश पर्वत का उच्चतम शिखर बिंदु ओलम्पा पास है जिसकी ऊंचाई 5810 मी है

पिथौरागढ़ जनपद में स्थित प्रमुख मन्दिर:

मन्दिर समूहों से किसी भी टेस्ट में सवाल पूछे जाते हैं.यह उत्तराखंड सामान्य ज्ञान के लिए जरूरी टॉपिक है.

हाट कालिका मंदिर

हाट कालिका मन्दिर गंगोलीहाट ,पिथौरागढ़ (उत्तराखंड)
हाट कालिका गंगोलीहाट

यहां मंदिर पिथौरागढ़ जनपद के गंगोलीहाट में स्थित है हाट कालिका को रणभूमि में गए जवानों की रक्षक माना जाता है यह महिषासुरमर्दिनि का सिद्ध पीठ है मंदिर अपनी रहस्यों के कारण विख्यात है

◆ इसे कुमाऊं रेजीमेंट की ईष्टदेवी माना जाता है

जयंती मंदिर

इसे ध्वज मंदिर के नाम से भी जाना जाता है पिथौरागढ़  जनपद के डीडीहाट में स्थित है मुख्य मंदिर से 200 फुट नीचे भगवान शिव का एक गुफा मंदिर स्थित है।

असुर चुला मंदिर

सोर घाटी के कई गांव में असुर पूजा होती है पिथौरागढ़ के मडगांव की पहाड़ी पर यह मंदिर स्थित है

इसके अतिरिक्त कुछ अन्य प्रमुख मंदिर भी पिथौरागढ़ जनपद में स्थित है-

◆ पिथौरागढ़ के बेरीनाग या बीनाग में नाग देवता का प्रसिद्ध मंदिर है।

◆ प्रसिद्ध कोटगारी मंदिर भी पिथौरागढ़ जनपद में स्थित है जो न्याय की देवी के रूप में विख्यात है।

◆ गुरना माता मंदिर पिथौरागढ़ में स्थित है जिसे पाषाण देवी मंदिर भी कहा जाता है ।

इसके अलावा मोस्टमानू मंदिर, अन्यारी देवी मंदिर, मल्लिकार्जुन मंदिर, उल्कादेवी मंदिर, असुर चुला मंदिर आदि ।

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगने वाले प्रमुख मेले:

मेले और उतसव uttarakhand gk का एक अहम पार्ट है. देवभूमि उत्तराखंड में विभिन्न मेले लगते हैं ,उनमें जौलजीवी का मेला भी प्रमुख है.जानते हैं प्रमुख मेलों के बारे में

जौलजीबी मेला

यह मेला पिथौरागढ़ जनपद में काली और गोरी नदी के संगम पर लगता हैं इस मेले की शुरुआत गजेंद्र बहादुर ने 1914 ईस्वी में की।

◆ जौलजीबी मेला प्रत्येक वर्ष(14 से 19)नवंबर माह में लगता है

◆ इस मेले में जोहार,दारमा, व व्यास जनजाति बाहुल क्षेत्र के लोग अपने उत्पादन दन, चुटकी, पंखी,कालीन लेकर पहुंचे हैं

◆ यह मेला भोटिया व्यापार से संबंधित है इस मेले में पहले घोड़ों का व्यापार होता था

थल मेला

पिथौरागढ़ के बालेश्वर थल मंदिर में प्रतिवर्ष बैसाखी को यह  मेला लगता है  इस मेले की शुरुआत 13 अप्रैल 1940 को यहां बैसाखी के अवसर पर जलियांवाला दिवस मनाए जाने के बाद हुई।

◆ छठे दशक तक यह मेला लगभग 20 दिनों तक चलता था।

मोस्टमानू मेला

16 सितंबर को पिथौरागढ़ में लगता है मोस्टमानू एक दूधाधारी देवता है।

वासुकी नाग मेला

पिथौरागढ़ में बेरीनाग के पास लगता हैं यहाँ बासुकी को विष्णु के रूप में पूजा जाता है।

इसके अलावा- रामेश्वर मेला, छिपलाकेदार मेला,     हाटकालिका मेला, कनरा मेला आदि पिथौरागढ़ जनपद में लगते हैं

जनपद पिथौरागढ़ के 2 प्रमुख व्यक्तित्व:

uttrakhand gk questions की श्रेणी में राज्य के प्रमुख व्यक्तियों से भी प्रश्नावली बनायी जाती.जानते हैं जनपद के ऐसे ही 2 व्यक्तियों के बारे में.

पंडित नैन सिंह रावत

नैन सिंह रावत।
नैन सिंह रावत। फोटो विकिपीडिया

पंडित नैन सिंह रावत का जन्म 1830 मुनस्यारी पिथौरागढ़ में हुआ था इन्होंने ब्रिटिश सरकार के लिए एक व्यापारी वेश में 1866 में नेपाल सीमा से ल्हासा (तिब्बत ) तक का कठिन सर्वेक्षण किया इस यात्रा में उन्होंने सेक्सटेंट(कोण नापने वाला यंत्र) से 99 स्थानों के अक्षांशों का अंकन किया तथा आर्थिक सामाजिक जीवन के प्रति भी महत्वपूर्ण जानकारी ली

◆ पंडित नैन सिंह रावत को मौलिक पंडित के नाम से जाना जाता है

◆ ब्रिटिश सरकार ने इन्हें कम्पेनियन ऑफ इंडियन एंपायर की उपाधि दी और 2004 में इनके नाम पर डाक टिकट जारी हुआ

चंद्रप्रभा एतवाल

इनका संबंध पिथौरागढ़ जनपद से है चंद्रप्रभा एतवाल  को माउंटेन गोट नाम से जाना जाता है.

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महान वैज्ञानिक न्यूटन की अद्भुद बातें.

◆ चंद्रप्रभा एतवाल ने दयारा बुग्याल को विश्व मानचित्र में स्थान दिलाया इन्हें 2009-10 में टेनसिह नार्गे एडवेंचर अवार्ड मिला.

असकोट वन्य विहार

अस्कोट वन्य जीव विहार

इसे 1986 में स्थापित किया गया यह वन्य जीव विहार 600 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है अस्कोट कस्तूरी मृग विहार पिथौरागढ़ जनपद में स्थित है यहां सर्वाधिक कस्तूरी मृग मिलते हैं यहां पाए जाने वाले प्रमुख  वन्यजीव -हिमबाघ, बरल, कस्तूरी मृग आदि.

उत्तराखंड के जनपद पिथौरागढ़ के प्रमुख कुंड और बुग्याल :

राज्य लोकसेवा आयोग हो या अन्य परीक्षा uttarakhand gk books में प्रमुख कुंड और बुग्याल के question अवश्य ही पढ़ने को मिलते हैं.जानते हैं पिथौरागढ़ जिले के ऐसे ही बुग्याल और कुंड के बारे में.

◆ सूर्य कुण्ड( ठण्डे पानी का कुण्ड)

◆ मेसर कुण्ड

◆ पार्वती कुण्ड

◆ थामरी कुण्ड

◆ नन्द कुण्ड

◆ हरदोल कुण्ड

          प्रमुख बुग्याल

◆ पिंडारी बुग्याल

◆ चित्रकूट बुग्याल 

◆ जोहार  बुग्याल

◆ लड़ीपांगती बुग्याल

◆ थाला बुग्याल

◆ रहाली बुग्याल

◆ खलिया बुग्याल

◆छिपलाकेदार बुग्याल

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