Uttarakhand GK compulsary पेपर की तैयारी कैसे करें:

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Uttarakhand GK compulsary पेपर की जनपदवार करें तैयारी।

उत्तराखंड राज्य की भर्ती परिक्षाओं में जितने भी पेपर होते हैं,उनमें से Uttarakhand GK Compulsary पेपर(paper) होता है. सामान्य ज्ञान(general knowledge)  के अनिवार्य पेपर की तैयारी के लिए अब आपको  लुसेंट या परीक्षा वाणी जैसे किताबो पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा.हमने जनपदवार सामग्री को संकलित किया है.आज उत्तरकाशी जनपद का  पहला भाग दिया जा रहा है.

Uttarakhand GK Compulsary पेपर की दृष्टि से उत्तरकाशी  जनपद का सामान्य परिचय :

  • यह नगर भागीरथी नदी की दाएं और स्थित है
  • 24 फरवरी 1960 को टिहरी जिले से काटकर इसे अलग जिला बनाया गया।
  • उत्तर की काशी के नाम उपनाम से प्रसिद्ध उत्तरकाशी का प्राचीन नाम बाराहाट तथा पुराणों में सोम्यकाशी काशी कहा गया है।
  •     1803 की भयंकर बाढ़ भूकंप पर में बाराहाट नगर के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद वर्तमान उत्तरकाशी को वरुणावत पर्वत के पाद-प्रदेश में बसाया गया।
  • उत्तरकाशी प्राकृतिक सौंदर्य पूर्ण दृश्य तथा नदियों पहाड़ों से परिपूर्ण है यहां भागीरथी, असी गंगा, व वरुण नदी बहती है
  • उत्तरकाशी जनपद परमार वंश या पंवार वंश के अधीन रहा 1803 ईस्वी से 1815 तक गोरखाओं के अधीन रहा।

 भौगोलिक स्थिति:

uttarakhand gk compulsary पेपर के लिए भूगोल का ज्ञान होना अति आवश्यक है.पीसीएस से लेकर एलटी भर्ती परीक्षा में प्रदेश की भौगोलिक स्थिति से काफी प्रश्न होते हेम

  • जनपद का विस्तार 30°20’तक उत्तरी अक्षांश से 31°28′ दक्षिणी अक्षांश तक, तथा 77°49′ पूर्वी देशांतर से 79°29′ पश्चिमी देशांतर के मध्य स्थित है।
  • उत्तरकाशी जिला उत्तराखंड का सबसे उत्तरी जिला है।
  • यह जिला मध्य हिमालय उच्च हिमालई क्षेत्र में स्थित है
  • उत्तरकाशी जिले का क्षेत्रफल 8016 वर्ग किमी0 है जो क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का दूसरा सबसे बड़ा जनपद है चमोली के बाद।
  • जनपद की सीमाएं चीन तथा हिमाचल प्रदेश की दो जनपद किन्नौर एवं शिमला की सीमा उत्तरकाशी से मिलती है।
  • राज्य की 4 जिलों की सीमाएं देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयागचमोली उत्तरकाशी जिले से लगती हैं।


जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था:

  • जिले की कुल जनसंख्या -3,30,086
  • दशकीय वृद्धि दर -11.89%
  • जनसंख्या घनत्व -41
  • जनपद का लिंगानुपात -958
  • इस जिले  की कुल साक्षरता दर -75.81%
  •  कुल महिला साक्षरता दर – 62.35%
  •  कुल पुरुष साक्षरता दर -88.79%
  • उत्तरकाशी जिले में कुल तहसील – 06
  • ( डुंडा, भटवाडी, मोरी, पुरोला, बड़कोट ,चिन्यालीसौड़)
  •  जिले में विकासखंड है – 06

( डुंडा, भटवाडी, मोरी, पुरोला, पुरोला, नौगांव चिन्यालीसौड़)

उत्तरकाशी जनपद में विधानसभा क्षेत्र -03

( गंगोत्री, यमुनोत्री व पुरोला-(S.C. आरक्षित क्षेत्र)


  प्रमुख दर्रे (जनपद उत्तरकाशी) जो Uttarakhand Gk compulsary पेपर के लिए मुख्य बिंदु।

  • उत्तरकाशी और हिमाचल प्रदेश के बीच श्रंगकंठ दर्रा है।
  • चमोली  और उत्तरकाशीके बीच कालिंदी दर्रा है
  • थांगला दर्रा व नेंलग दर्रा उत्तरकाशी व तिब्बत के बीच है।
  • मूलिंग गला दर्रा तथा सागचोकला दर्रा उत्तरकाशी से तिब्बत के बीच संकरा मार्ग जाता है
  • ऑडेन कार्ल दर्रा उत्तरकाशी से भिलंगना घाटी के लिए मार्ग जाता है।

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      प्रमुख कुंड

  • सूर्य कुंड यमुनोत्री में गर्म पानी का कुंड है।
  • गंगानी क्षेत्र में गर्म पानी का कुंड है जिसके पानी में गंधक की मात्रा पाई जाती है।
  • देवकुंड भागीरथी नदी में ठंडे पानी का कुंड है।
  • सप्त ऋषि कुंड यमुनोत्री में है जिसे पुराणों में मलिंग सरोवर कहा गया है।

 

  प्रमुख दर्शनीय स्थल(uk gk compulsary पेपर 

  •  हर्षिल

  यह प्रसिद्ध स्थल उत्तरकाशी से गंगोत्री मार्ग पर उत्तरकाशी से लगभग 74 किमी दूरी पर स्थित यह ग्रामीण खेड़ा अपने प्राकृतिक सौंदर्य एवं स्वादिष्ट सेबों के लिए प्रसिद्ध है।

हर्षिल में सेब का बागान लगाने का समय फ्रेडरिक विल्सन को जाता है सेब की एक प्रजाति विल्सन भी है।

हर्षिल में आलू की खेती की शुरुआत भी विल्सन ने की थी।

विल्सन ने हर्षिल में विल्सन कॉटेज 1864 में बनवाया था स्थानीय लोग उसे विल्सन पहाड़ी या राजा विल्सन कहा करते थे।

  • बाडाहाट

यह एक प्राचीन शक्तिपीठ है जहां पर एक त्रिशूल गढ़ा है  इस त्रिशूल को 12 शक्तिपीठों के रूप में देखा जाता है स्कंद पुराण में बाडाहाट का वर्णन मिलता है।

प्राचीन काल में यह शहर बाराह के नाम से जाना जाता था कालांतर में बाराह अपभ्रंश होकर बाराहाट के रूप में जाने जाने लगा।

  • हर की दून

यह दून( समतल घाटी) उत्तरकाशी से 175 किमी0 दूर स्थित है इसे रवाई क्षेत्र भी कहते हैं।

यहां से कुछ किमी0 की दूरी पर ज्योधार ग्लेशियर व वारसू घाटी स्थित है।

यह घाटी फतेह पर्वत की गोद में बसा है यहां सूपिन नदी बहती है।

 इस क्षेत्र के इष्ट देवता समसू है, समसू  देवता की पूजा दुर्योधन के रूप में होती है यह बहुत ही रमणीक स्थल है।

उत्तरकाशी जनपद के दो प्रमुख धाम

उत्तराखंड में चार धाम स्थित हैं.जिनमें से 2 उत्तरकाशी जनपद में आते हैं.gK compulsary पेपर में चार धामों से घुमा-फिरा कर सवाल पूछे जाते हैं।

1-गंगोत्री

गंगोत्री धाम :uttarakhand GK Compulsary पेपर
गंगोत्री धाम

उत्तरकाशी जनपद में स्थित गंगोत्री ऋषिकेश से 255के किमी0 उत्तर तथा उत्तरकाशी से 100 किमी0 उत्तर- पूर्व में स्थित है।

यहां भागीरथ का एक मंदिर है जिसमें गंगा, लक्ष्मी, पार्वती व अन्नपूर्णा देवी की मूर्तियां स्थापित हैं।

इस मंदिर का निर्माण 18 वीं शताब्दी में गोरखा सेनापति अमर सिंह थापा ने कराया तथा पुनरुद्धार जयपुर के राजा माधव सिंह ने 1935 में कराया था

    इसके कपाट प्रतिवर्ष वैशाख शुल्क तृतीया (अक्षय तृतीया) को खुलते हैं और भैया दूज को बंद होते हैं बंद होने के बाद इसकी डोली को शीत ऋतु प्रवास के लिए मुखवा ग्राम के मार्कंडेय मंदिर में लाया जाता है।

यहां के निकटतम दर्शनीय स्थलों में सूर्य कुंड, गौरीकुंड, पंतगाना, भैरव झाप स्थित है गंगोत्री में भागीरथी में केदार गंगा नदी मिलती है।

2-यमुनोत्री

 यमनोत्री धाम
यमनोत्री धाम

उत्तरकाशी जिले में स्थित यह स्थान गंगोत्री के पश्चिम में तथा उत्तरकाशी से 130 किमी उत्तर में स्थित है।

यमुना के बाएं तट पर स्थित है यमुनोत्री मंदिर का निर्माण 1919 गढ़वाल नरेश प्रताप शाह ने किया।

इस मंदिर का  पुनर्निर्माण जयपुर की महारानी गुलेरिया ने 19वीं सदी में कराया।

प्रत्येक वर्ष शीतकाल में भैया दूज को यमुनोत्री के कपाट बंद हो जाते हैं और ग्रीष्म काल में अक्षय तृतीया को खोले जाते हैं और इसका शीतकालीन आवास खरसाली में है।

यमुनोत्री मंदिर के निकट तीन गर्म जल स्रोत है जिनमें से सूर्य कुंड महत्वपूर्ण है इस कुंड में आलू , चावल आदि डालने पर पक जाते हैं और  इसे लोग प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।

इसी कुंड के समीप एक दिव्य शिला भी  है

  जनपद के ग्लेशियर/ हिमनद

uttarakhand general knowledge compulsary पेपर में हर बार राज्य के ग्लेशियर से प्रश्न पूछे जाते हैं.आइए देखते हैं प्रमुख ग्लेशियर।

  • गंगोत्री ग्लेशियर

यह ग्लेशियर राज्य का सबसे बड़ा हिमनद है।

इस ग्लेशियर की लंबाई 30 किमी0 तथा चौड़ाई 2 किमी0 है।

  • बंदरपूँछ ग्लेशियर 12 किमी लंबा है यमुनोत्री में स्थित है।
  • कीर्ति ग्लेशियर गंगोत्री में 7 किमी0 लंबा है।
  • इसके अलावा– डोरयानी हिमनद,  गनोहिम ग्लेशियर,रक्तावर्ण ग्लेशियर, सियार ग्लेशियर,ज्योधार ग्लेशियर,बमक ग्लेशियर, मेंदी ग्लेशियर आदि उत्तरकाशी जनपद में स्थित है

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