Uttarakhand सामान्य ज्ञान दर्शन:नैनीताल part-1 Click Pdf

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Uttarakhand सामान्य ज्ञान:नैनीताल जनपद
नैनीताल। झील
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    उत्तराखंड सामान्य ज्ञान दर्शन:नैनीताल जनपद भाग-0(1Uttarakhand General Knowledge Philosophy: Nainital District Part-01)

    Uttarakhand सामान्य ज्ञान दर्शन के इस अंक में आज नैनीताल जनपद की सामान्य जानकारी दी जा रही है.

    जनपद नैनीताल का इतिहास (History Of Nainital )

    सरोवर नगरी या झीलों की नगरी के नाम से विख्यात नैनीताल नगर तीनों ओर से टिपन टॉप, चाइना पीक, लड़िया कांटा,हार्डी गड़ी,  शेर का डांडा, आदि  पहाड़ियों से गिरा है यह नगर समुद्र तल से 1938 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है विश्व पर्यटन के मानचित्र पर  यह ऐसा पर्यटन स्थल है जहां सबसे अधिक झीलें हैंनैनीताल की खोज  1841 में पी. बैरन ने की जो शाहजहांपुर निवासी चीन का व्यापारी था.नैनीताल खोज  की खबर 24 नवंबर 1840 कोलकाता के  इंग्लिश मैन अखबार में छपी और बाद में विस्तृत वर्णन आगरा अखबार में छपा था.

    1842 में नैनीताल को बसाने की जिम्मेदारी मोतीलाल शाह को दी गई जिन्होंने नैनी झील के तट पर नैना देवी मंदिर बनवाया था.नैनीताल में 1880 में सबसे बड़ा भूकंप आया था .18 सितंबर 1848 को नैनीताल में बड़ा भूस्खलन हुआ जिसमें 151 लोग दफन हो गए थे.प्राचीन काल में इस क्षेत्र खड़देश कहा जाता था

                         

    नैनीताल जनपद सामान्य परिचय(Nainital District General Introduction )

    ◆ इस नगर के बीच में नैनी झील है जिसकी लंबाई लगभग 15 मीटर चौड़ाई 510 मीटर तथा गहराई 10 से 157 मीटर है इसे स्कंद पुराण में त्रि- ऋषि सरोवर कहां गया है यह ताल तीन ओर से सात पहाड़ियों (आयर पात, देव पात, हार्डी गड़ी, चाइना पीक, स्नोव्यू, आलम सरिया काटा और शेर का डाडा) से घिरा हुआ है ताल के दोनों और सड़क बनी है ऊपरी भाग को मल्लीताल और निचला भाग तल्लीताल कहलाता है 

    1842 में काठगोदाम तक रेल लाइन तथा 1891 में नैनीताल को  जिला मुख्यालय बनाया गया

    ◆ 1996 ईस्वी में नैनीताल को हिल स्टेशन का दर्जा मिला

    ◆ 1900 में नैनीताल के मल्लीताल में राजभवन या सचिवालय भवन की स्थापना की गई जिसका 1962 से उत्तर प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में उपयोग किया जाता था राज्य निर्माण के बाद 9 नवंबर 2000 से इसी भवन में उत्तराखंड उच्च न्यायालय को शिफ्ट किया गय

     नैनीताल जनपद की साक्षरता और जनसंख्या(Administration of Nainital district)

    ◆ जिले की जनसंख्या– 9,54,605

    ◆ जनपद में विधानसभा क्षेत्र– 06

    ◆ तहसील -09

    विकासखंड – 08

    ◆ जनघनत्व – 225

    जनघनत्व के मामले में हरिद्वार, उत्तम सिंह नगर व देहरादून के बाद चौथे स्थान पर है

    ◆ लिंगानुपात- 934

    जिले की साक्षरता दर-83.88%

    ◆ महिला साक्षरता के मामले में दूसरा सबसे बड़ा जिला है

    साक्षरता में देहरादून जनपद के बाद दूसरा स्थान है

    ◆ 1873 में नैनीताल में नगर पालिका का गठन किया गया

     उत्तराखंड सामान्य ज्ञान: (Uttarakhand General Knowledge)नैनीताल जनपद की प्रमुख झीलें

    हिमानी प्रकार के झीलों की अधिकता के लिए कुमाऊँ क्षेत्र विशेषकर नैनीताल प्रसिद्ध है झीलों की अधिकता के कारण नैनीताल को झीलों की नगरी या सरोवर नगरी कहते हैं.uttarakhand सामान्य ज्ञान से पूछे जाने वाले प्रश्नों में जनपद नैनीताल से 10%question पूछे जाते हैं.

    भीमताल

    भीमताल Uttarakhand सामान्य ज्ञान
    भीमताल

    कुमाऊं क्षेत्र की सबसे बड़ी झील है जिसकी लंबाई 1674 मीटर और चौड़ाई 447 मीटर और गहराई 26 मीटर है त्रिभुज के आकार का यह ताल तीन तरफ से पर्वतों से घिरा है इस ताल के जल का रंग गहरा नीला है यह कमल और कमल कड़ी के लिए प्रसिद्ध है इस झील के बीच में एक टापू है

    ◆ भीमताल के तट पर भीमेश्वर महादेव का मंदिर है:

    ##2004 की प्रथम पीसीएस परीक्षा में Uttrakhand सामान्य ज्ञान के पेपर में एक सवाल पूछा गया था-“किस झील का आकार त्रिभुजाकार है”इसका उत्तर बाद में पता चला कि भीमताल है.

    नौकुछियाताल

    नौकुचिया ताल Uttarakhand सामान्य ज्ञान
    ।।। नौकुचिया ताल

     कुमाऊं क्षेत्र की सबसे गहरी ताल है इस ताल की गहराई 40 मीटर है और ताल में 9 कोनें हैं

    पक्षियों के निवास के लिए यह झील उत्तम है विदेशी पक्षी भी यहां देखे जा सकते हैं इसके सभी कोने एक साथ नहीं देखे जा सकते हैं

    सातताल

    Uttarakhand सामान्य ज्ञान:सात ताल
    सात ताल

    सातताल कुमाऊं की सबसे रमणीक झील है सातताल पहले 7 झीलों का समूह था कुछ झीलें नल दमयंती ताल, गरुड़ ताल, राम सीता ताल, लक्ष्मण ताल आदि हैं ये तालें आंतरिक जलधारा के द्वारा आपस में जुड़े हैं नैनीताल से आने वाली वालियागाड़ नदी के माध्यम से तालों का  जल गोला नदी में चला जाता है

    ◆ इस क्षेत्र की प्रचलित नल दमयंती ताल में मछलियां नहीं पकड़ी जाती हैं इसके पांच कोने हैं इस झील की आकृति अश्वखुर के समान है

    ◆ अमेरिकी मिशनरी स्टेलने जान्स  का आश्रम सातताल के पास है इस झील की तुलना इंग्लैंड के बेस्टमोरलैंड से की जाती है

    खुरपाताल

    नैनीताल- कालाढूंगी मार्ग पर स्थित यह ताल तीन ओर से पहाड़ियों से घिरा हुआ है लगभग 1635 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस ताल का जल गहरा हरा है इसका आकार जानवर के खुर के समान है और इसके चारों ओर सीढ़ीनुमा खेत हैं 

    इसके अलावा- सूखा ताल,सड़िया ताल, लखुमा ताल, हरीश ताल,आदि नैनीताल जिले में स्थित है

      सामान्य ज्ञान Uttarakhand :नैनीताल जनपद की पर्वत व चोटियां

    हिडम्बा पर्वत नैनीताल में स्थित है

    शेर का डाडा और मनोरा पहाड़ी नैना झील के पास स्थित है

    ◆ चाइना पीक( नैना पीक) नैना झील के पास

    स्नोव्यू और हार्डी गड़ी नैनीताल में स्थित है

    ◆ किलबरी नामक पर्वत भी नैनीताल में स्थित है

    टिफन टॉप नैना झील के पास स्थित है

    नैनीताल जिले में खनिज संपदा:

    Uttarakhand सामान्य ज्ञान के सवाल,भूगोल से भी पूछे जाते हैं,जिनमें खनिज संसाधन प्रमुख है।

    ◆ नैनीताल के कालाढूंगी और रामगढ़ क्षेत्रों में लोहा का मैग्नेटाइट अयस्क  मिलता है

    ◆ राज्य में सर्वाधिक लोहा नैनीताल जनपद में मिलता है

    ◆ जिप्सम भी अत्यधिक मात्रा में नैनीताल जनपद  में मिलता है

    Uttarakhand सामान्य अध्ययन: वन्य जीव विहार संरक्षण आरक्षित

    ◆ राज्य में 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र है जिनमें से दो नैनीताल में हैhttps://www.uttarakhanddarshan.in/nandhur-wildlife-sanctuary-nainital-uttarakhand/

    नंधौर वन्यजीव विहार का गठन 2012 में किया गया यह नैनीताल वह चंपावत के बॉर्डर पर है

    पावलगढ़ संरक्षण आरक्षित का गठन 2012 में नैनीताल में किया गया

    नैना देवी हिमालय बर्ड कंजर्वेशन 2015 में नैनीताल में बना यहां 600 से अधिक पक्षी प्रजाति हैं

    गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय  प्राणी उद्यान का गठन 1995 में नैनीताल में किया गया

        कार्बेट नेशनल पार्क(Corbet National Park)

    कार्बेट नेशनल पार्क देश व एशिया का पहला नेशनल पार्क है इसका गठन 1936 में हुआ. इसका पहले नाम हेली नेशनल पार्क था. गवर्नर सर हेली के नाम पर

    स्वतंत्रता के बाद इसका नाम रामगंगा नेशनल पार्क रखा गया लेकिन 1957 में महान प्रकृति  प्रेमी जिम कार्बेट की स्मृति में इसका नाम पुनः बदलकर कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान कर दिया गया

    ◆ 520 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर फैला यह उद्यान पौड़ी व

    नैनीताल जनपद में है इसका का सर्वाधिक क्षेत्रफल पौड़ी जनपद में है

    ये भी पढ़े:–

    ◆ इस पार्क का प्रवेश द्वार ढिकाला नैनीताल में है जोकि नैनीताल जिला मुख्यालय से 144 किमी की दूरी पर है

    इस पार्क के मध्य में पाटलीदून स्थित है

    ◆ नवंबर 1973 को यह देश का पहला टाइगर रिजर्व बना इस पार्क के किनारे पूर्वी राम गंगा बहती है

    ◆ राज्य में सर्वाधिक पर्यटक कार्बेट नेशनल पार्क में आते हैं इसके बाद राजाजी नेशनल पार्क व फूलों की घाटी में आते हैं

    ◆ अप्रैल 2012 में कार्बेट नेशनल पार्क के चारों तरफ 500 मी0 तक के दायरे को साइलेंस जोन घोषित किया है.

    अगर आपने Uttarakhand सामान्य ज्ञान के पिछले अंक नहीं देखे हैं तो -नीचे लिंक पर क्लिक करें।

    उत्तराखंड सामान्य ज्ञान :जनपद दर्शन जानें Big history of चमोली

    2,–Uttarakhand सामान्य ज्ञान पथ

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